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कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है?

kutub minar ki lambai kitni hai

अगर आप नहीं जानते हैं कि कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है तो मैं आपको बतादु की कुतुब मीनार एक शानदार संरचना है जिसकी लंबाई 73 मीटर है।

कुतुब मीनार की लंबाई 73 मीटर और इसका आधार 14.3 मीटर का है और इसके शीर्ष पर 2.7 मीटर तक संकुचित होता है।

कुतुबमीनार में 379 सीढ़ी मौजूद है जिसके द्वारा कुतुब मीनार के ऊपर चढ़ा जा सकता है। कुतुब मीनार परिसर में मीनार के आसपास कई अन्य ऐतिहासिक इमारतें भी शामिल हैं।

माना जाता है कि मीनार की प्रारंभिक अफगान वास्तुकला अफगानिस्तान में जाम मीनार से प्रेरित थी। मीनार की प्रत्येक मंजिल में एक अद्वितीय प्रोजेक्ट बालकनी है जो कोष्ठक द्वारा समर्थित है।

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पहली तीन मंजिलें हल्के लाल बलुआ पत्थर से बनाई गई थी। चौथी मंजिल पूरी तरह से संगमरमर से बनी है। पांचवां संगमरमर और बलुआ पत्थर के मिश्रण से बनाया गया है।

दिल्ली में स्थित कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है?

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Kutub Minar Ki Lambai

कुतुब मीनार एक ऐतिहासिक स्थल है जो दिल्ली में प्रसिद्ध है और कुतुब मीनार की लंबाई 73 मीटर है जिसमें 379 सीढ़ियों के द्वारा ऊपर चढ़ा जा सकता है।

कुतुब मीनार एक लोहे के खंभे से घिरा हुआ है क्योंकि कई बार तूफान और भूकंप से कुतुब मीनार क्षतिग्रस्त हुई थी जिसे विभिन्न शासकों द्वारा बहाल कराया गया।

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कुतुब मीनार का निर्माण किसने और कब करवाया था?

1193 ई. में, सुल्तान कुतुब-उद-दीन ऐबक भारत में पहला मुस्लिम शासक बना था, जिसने कुतुब मीनार की स्थापना की हालांकि कुतुबुद्दीन ऐबक के द्वारा कुतुब मीनार के केवल पहली और दूसरी मंजिल का निर्माण हो पाया उसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।

मीनारों की चौथी और पांचवी मंजिल का निर्माण बाद में (1211 से 1236 तक) सुल्तान शम्सुद्दीन इल्तुतमिश की सीधी देखरेख में पूरा हुआ।

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पांचवीं मंजिल का निर्माण सुल्तान फिरोज शाह तुगलक के शासनकाल में पूरा हुआ था।

कुतुब मीनार के निर्माण में कितना समय लगा था?

1193 ई. में सुल्तान कुतुब-उद-दीन ऐबक ने कुतुब मीनार का निर्माण शुरू किया था। कुतुब-उद्दीन ने ही कुतुब मीनार की पहली मंजिल को पूरा किया।

उनके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश और फिरोज शाह तुगलक ने बाद में शेष 4 मंजिल का निर्माण किया इन सभी कारणों के वजह से कुतुब मीनार के निर्माण में लगभग 3 पुस्तकों का समय लग गया।

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इसके निर्माण की पांचवीं और अंतिम मंजिल फिरोज शाह तुगलक ने 1368 में इसे पूरा किया था इसका मतलब है कि इस मीनार को बनाने में 1193-1368 का समय लगा।

कुतुब मीनार किसकी याद में बनवाया गया था?

कुतुब मीनार का निर्माण अफगानिस्तान के जाम मीनार के बाद किया गया था। कुतुब मीनार का नाम दो सिद्धांतों पर आधारित है।

पहला यह है कि इसका नाम इसके निर्माता कुतुब उद्दीन ऐबक के नाम पर रखा गया था। यह भी माना जाता है कि इसे ट्रांस ऑक्सियाना स्थित सूफी संत के सम्मान में बनाया गया था।

कुतुब मीनार की पूरी जानकारी कितनी लंबी है?

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कुतुब मीनार दुनिया दुनिया का सबसे ऊंचा मीनार है यह लाल पत्थर और संगमरमर से बना हुआ है। कुतुब मीनार की ऊंचाई 73 मीटर है और फीट में इसकी ऊंचाई 237.86 फीट है। कुतुबमीनार का व्यास 14.3 मीटर और ऊंचाई 2.75 मीटर है।

यह केवल मीनार ही नहीं बल्कि इसके आसपास की अन्य ऐतिहासिक वास्तुकला भी उल्लेखनीय है इसलिए इस साइट को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में जोड़ा गया है।

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कुतुब मीनार अभी भी दक्षिण दिल्ली के महरौली में पाया जाता है।

कुतुब मीनार के परिसर का इतिहास क्या है?

इल्तुतमिश का मकबरा, अलाई दरवाजा, कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद, अलाई मीनार के साथ-साथ इस परिसर में कई और कब्रिस्तान, मस्जिद और मकबरे हैं।

अलाउद्दीन खिलजी ने अलाई मीनार का निर्माण करवाया था जिसे वह कुतुबमीनार की ऊंचाई से दोगुना बनाना चाहता था, लेकिन वह केवल एक मंजिल का निर्माण कर सका। यह कुतुब मीनार के उत्तर में 25 मीटर ऊंचाई पर स्थित है।

कुतुब मीनार की लंबाई के अलावा देखने लायक चीजें

कई बार लोग कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है इसे देखने के लिए ही दिल्ली घूमने जाते हैं लेकिन कुतुब मीनार की लंबाई के अलावा भी कई सारी और भी चीजें हैं जो देखने लायक है।

कुतुब मीनार परिसर में इतिहास प्रेमियों के लिए कई प्रकार के देखने लायक चीजें हैं जो आपका ध्यान केंद्रित कर सकती है जैसे 

  • कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद एक आश्चर्यजनक स्मारक है
  • अलाई दरवाजा दक्षिण की ओर मस्जिद का प्रवेश द्वार है।
  • चंद्रगुप्त प्रथम का लौह स्तंभ, जिस पर कभी जंग नहीं लगती
  • इल्तुतमिश का मकबरा दिल्ली सल्तनत का दूसरा शासक था।
  • इमाम ज़मीन का मकबरा तुर्कस्तानी मौलवी था।
  • अलाउद्दीन खिलजी मकबरा
  • सैंडर्सन की धूपघड़ी सफेद संगमरमर से बनी एक धूपघड़ी है

कुतुब मीनार दिल्ली की शोभा बढ़ाने में अपना कोई कसर नहीं छोड़ता और लोग भी इसके आकर्षण की ओर खींचे चले आते हैं।

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प्रश्न और उत्तर

कुतुब मीनार के बाद विश्व की दूसरी सबसे ऊंची मीनार की लंबाई कितनी है?

मीनार-ए-जाम को पूरी दुनिया का दूसरा सबसे ऊंचा मीनार माना जाता है। यह लगभग 65 मीटर ऊँचा है। यह 1190 में बनाया गया था। यह अफगानिस्तान में हरि नदी या जाम नदी के पास स्थित है। 

कुतुब मीनार की कुल मंजिलों की संख्या कितनी है?

कुतुब मीनार में कुल 5 मंजिलें हैं जिसमें सीढ़ियों की कुल संख्या 379 है और हरमन जिले में एक बालकनी मौजूद है।

कुतुब मीनार के अंदर क्या है?

कुतुब मीनार की सबसे ऊपरी मंजिल से 379 सीढ़ियां हैं। हर मंजिल में एक बालकनी है जहां से बाहर का नजारा दिखता है। आसपास के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक स्मारक शामिल हैं जिसे इसे कुतुब परिसर के नाम से भी जाना जाता है।

कुतुब मीनार में कितनी सीढ़ियां हैं?

कुतुब मीनार 72.5 मीटर लंबा है और इसमें 5 मंजिल हैं 379 सीढ़ियां हैं।

कुतुब मीनार कहाँ स्थित है?

महरौली, नई दिल्ली

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निष्कर्ष

सभी प्रकार के ऐतिहासिक जगहों का अपना अपना महत्व होता है। इतिहास में क़ुतुब मीनार का भी एक बड़ा योगदान है जिससे हमें मध्यकालीन भारत के विषय में जानने में सहायता मिलती है।

हम आशा करते हैं आपको कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है (Kutub Minar Ki Lambai Kitni Hai) और कुतुब मीनार की ऊंचाई कितनी है के ऊपर हमारी यह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी।

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