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प्रश्नावली किसे कहते हैं? प्रश्नावली के दोष और प्रकार क्या है?

हमें से कई लोग प्रश्नावली का रोजाना इस्तेमाल करते हैं पर उन्हें प्रश्नावली किसे कहते हैं (What is a Questionnaire) और प्रश्नावली के दोष और प्रकार क्या है? यह नहीं जानते हैं इसलिए आज के इस लेख में हम लोग प्रश्नावली के बारे में संपूर्ण बातों को जानेंगे।

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प्रश्नावली हमें किसी भी विषय पर पूर्ण रूप से अध्ययन करने की सुविधा प्रदान करती है जिसके जरिए हम कई जटिल चीजों को आसानी से समझ लेते हैं।

अगर आप एक छात्र हैं तो प्रश्नावली किसे कहते हैं और प्रश्नावली से जुड़ी हुई अन्य सभी बातें आपको पता होनी चाहिए क्योंकि यह हमारे अध्ययन को सरल और सुविधाजनक बना देता है।

प्रश्नावली किसे कहते हैं?

एक ही विषय पर आधारित प्रश्नों से भरी हुई सूची को प्रश्नावली कहते हैं जो एक उपकरण की तरह काम करके हमें उस निश्चित विषय के बारे में उत्तरदाताओं से संपूर्ण ज्ञान प्रदान करती है।

प्रश्नावली किसी भी विषय, वस्तु, क्षेत्र, कार्यक्रम और व्यक्ति के बारे में जानने का सबसे सरल और सस्ता तरीका है जिसका इस्तेमाल कोई भी कर सकता है।

इसका इस्तेमाल करके आप अधिक से अधिक जानकारियों को तुरंत प्राप्त कर सकते हैं जो शोधकर्ताओं के लिए एक अच्छा तरीका है।

प्रश्नावली के उदाहरण:

  • किसी भी विषय के किताब के अंतिम में उस विषय से संबंधित प्रश्न दी गई होती है जो एक प्रश्नावली का लाती है।
  • पत्रकार किसी भी नेता, कलाकार और प्रसिद्ध व्यक्ति से प्रश्नावली के आधार पर ही प्रश्न पूछती है।
  • चुनाव भी एक प्रकार की प्रश्नावली है जिसे चुनाव आयोग द्वारा जनता के सामने पेश किया जाता है।
  • जनसंख्या का सर्वेक्षण प्रश्नावली का एक उदाहरण है। 

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प्रश्नावली क्या है? (What Is A Questionnaire)

प्रश्नावली एक सूची है जिसमें निश्चित विषय से संबंधित कई सारे प्रश्न दिए गए होते हैं जिसका इस्तेमाल शोधकर्ता विभिन्न परिस्थितियों में उस निश्चित विषय के बारे में अध्ययन करने के लिए करते हैं।

प्रश्नावली का उपयोग करना सरल और सस्ता है जिसे हम एक जगह से दूसरी जगह आसानी से स्थानांतरित कर सकते हैं। 

इसका उपयोग करने पर किसी निश्चित विषय के ऊपर अध्ययन की शुद्धता लगभग 90% होती है क्योंकि प्रश्नावली के अध्ययन की शुद्धता आपके उत्तरदाताओं पर निर्भर करता है।

हालांकि, कुछ परिस्थितियों को छोड़कर प्रश्नावली का अध्ययन अधिकांश रूप से सकारात्मक ही पाया गया है।

उदाहरण:

मान लीजिए कि आपके गांव में मुखिया का चुनाव हो रहा है जिसमें दो मुख्य प्रत्याशी खड़े होते हैं इनमें से एक अच्छा और एक बुरा है।

जब चुनाव होता है तो बुरा मुखिया प्रत्याशी लोगों को पैसे का लोभ देकर उससे वोट ले लेते हैं और वह जीत जाते हैं।

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यहां चुनाव एक प्रश्नावली की तरह काम करता है लेकिन यहां के उत्तरदाताओं को पैसे से खरीद लिया गया है इसलिए यहां एक अच्छे मुखिया के ऊपर हमारा अध्ययन गलत हो जाता है।

प्रश्नावली के प्रकार

प्रश्नावली मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं इसके अलावा अलग-अलग विद्वानों ने अपने अनुसार प्रश्नावली का वर्गीकरण किया है जिसे हम विस्तृत रूप से जानेंगे।

prashnavali ke prakar kya hai

प्रश्नावली के मुख्य चार प्रकार है:

  1. मिश्रित प्रश्नावली : निश्चित विषय के ऊपर मिश्रित प्रश्न दिए गए होते हैं।
  2. चित्रमय प्रश्नावली :  सूची में चित्र के रूप में प्रश्न दिए गए होते हैं। 
  3. बन्द प्रश्नावली : निश्चित विषय के निश्चित बिंदु के ऊपर प्रश्न  दिए गए होते हैं।
  4. खुली प्रश्नावली :  निश्चित विषय के और निश्चित  बिंदुओं के ऊपर प्रश्न दिए गए होते हैं

इन 4 प्रश्नावली के प्रकारों के अलावा विभिन्न विद्वानों द्वारा इसे वर्गीकृत किया गया है जिसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।

प्रो. पी. यंग (Prof. Yang) के अनुसार प्रश्नावली दो प्रकार की होती है:

  1. संरचित प्रश्नावली : इसमें प्रश्न सभी के लिए समान होते हैं लेकिन इसका उत्तर  असमान हो सकता है।
  2. असंरचित प्रश्नावली :  इसमें प्रश्न के रूप में सिर्फ विषय बिंदु दिए गए होते हैं जिसका उत्तर असीमित हो सकता है।

प्रो. लुम्डबर्ग ने सूचनाओं के आधार पर प्रश्नावली की दो प्रकार बनाई है:

  1. तथ्य संबंधी प्रश्नावली : इसमें सामाजिक शोध से जुड़े हुए प्रश्न को दिए गए होते हैं, जैसे जाती, लिंग, उम्र, मृत्यु, जन्म और रोजगार आदि।
  2. मत अथवा मनोवृत्ति प्रश्नावली :  इसमें लोगों के मत से जुड़े हुए प्रश्न दिए गए होते हैं, जैसे नेता, मुखिया और चुनावी पार्टी आदि।

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अब तक हमने जाना प्रश्नावली किसे कहते हैं और प्रश्नावली के दोष और प्रकार क्या है? साथी हमने कुछ उदाहरणों पर भी बात किया आइए अब प्रश्नावली की विधि देखते हैं।

प्रश्नावली की विधि किसे कहते हैं?

जिस विधि द्वारा प्रश्नावली को लोगों तक पहुंचकर प्रश्नावली में मौजूद सभी प्रश्नों के उत्तर एकत्रित रूप से लिए जाते हैं उसे प्रश्नावली की विधि कहते हैं।

वर्तमान में प्रश्नावली की कई सारी विधि हो गई है क्योंकि टेक्नॉलॉजी अभी के समय में और भी ज्यादा शक्तिशाली होती जा रही है।

सामान्यता प्रश्नावली की मुख्य विधि यह है कि किसी निश्चित विषय के ऊपर लोगों तक प्रश्नावली को किसी भी माध्यम से पहुंचकर लोगों से उस प्रश्नावली में उपस्थित सभी प्रश्नों का उत्तर लिया जाए और सभी लोगों के उत्तर को आधार बनाकर एक निष्कर्ष निकलता है।

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प्रश्नावली का अधिकांश उपयोग शोध के लिए ही किया जाता है क्योंकि इसमें हमें लोगों की राय जाननी होती है जो प्रश्नावली से हमारा काम आसान हो जाता है।

श्रेष्ठ प्रश्नावली के आवश्यक गुण

अगर हम बात करें श्रेष्ठ प्रश्नावली के आवश्यक गुण क्या होते हैं तो हम पाएंगे कि कई गुणों को मिलाकर एक श्रेष्ठ प्रश्नावली बनती है जिसकी व्याख्या नीचे दी गई है।

एक श्रेष्ठ प्रश्नावली के निम्नलिखित आवश्यक गुण होते हैं:

  • विशाल जनसंख्या का अध्ययन कर सके।
  • प्रश्नावली की पूर्ण प्रक्रिया में कम खर्च हो।
  • सूचनाओं को शीघ्र प्रदान कर सकें।
  • लोगों के लिए प्रश्नावली का उत्तर देना सुगम हो।
  • स्वतंत्र तथा प्रामाणिक सूचना की जानकारी मिल सके।
  • स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं प्रामाणिक सूचनाओं का आकलन हो।
  • प्रश्नावली से संख्यात्मक विश्लेषण संभव हो।

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प्रश्नावली के दोष क्या है?

एक प्रश्नावली में कई सारे दोष मौजूद होते हैं जिससे की प्रश्नावली पूर्ण रूप से प्रभावित नहीं हो पाती है।

प्रश्नावली के निम्नलिखित दोष इस प्रकार है:

  1. प्रश्नावली द्वारा केवल शिक्षित लोगों का अध्ययन करना संभव है।
  2. कई बार प्रश्नावली के प्रश्नों का उत्तर शोधकर्ताओं को प्राप्त ही नहीं होता है।
  3. प्रश्नावली में आधा अधूरा उत्तर भी जमा किया जाता है
  4. अधिक मात्रा में प्रश्नावली के उत्तरों को जांचना कई बार  कठिन हो जाता है।
  5. प्रश्नावली के उत्तर का हस्त लेखन खराब भी होता है जिससे उत्तर का निरीक्षण करना कठिन होता है।
  6. प्रश्नावली द्वारा विस्तृत उत्तर लेना कठिन है क्योंकि  लोग छोटे-मोटे प्रश्न के उत्तर ही देते हैं
  7. कई बार लोग अपनी व्यक्तिगत भावनाओं से उत्तर देते हैं
  8. निष्पक्ष प्रश्नावली का गठन करना बहुत कठिन है।
  9. लोग कई बार प्रश्नावली के उत्तरों में गलत सूचना भी भर देते हैं जिससे शोध गलत साबित हो सकता है।
  10. प्रश्नावली में अधिकांश लोग अपने-अपने उत्तर भिन्न रूप से देते हैं जिससे सही उत्तर का आकलन करना कठिन होता है।

प्रश्नावली एवं अनुसूची में क्या अंतर है

प्रश्नावलीअनुसूची
शोधकर्ता उत्तर दाताओं से दूर रहते हैं।शोधकर्ता उत्तर दाताओं से व्यक्तिगत राय लेते हैं।
इसका उत्तर भरके दिया जाता है।इसका उत्तर बोल कर दिया जाता है।
यह बड़े स्तर पर लोगों से उत्तर लेने में संभव है।यह क्षेत्रीय स्तर पर लोगों के उत्तर लेने में संभव है।
इसमें केवल प्रश्न शामिल होते हैं।इसमें प्रश्न और उत्तर दोनों उत्तर दाताओं के हाथ में होता है।
यह केवल शिक्षित व्यक्ति पर प्रभावित है।यह शिक्षित एवं अशिक्षित दोनों पर प्रभावी है।
इसमें उत्तर दाताओं के अस्थान का अवलोकन करना असंभव है।इसमें उत्तर दाताओं के स्थान का अवलोकन किया जाता है।

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प्रश्न और उत्तर

प्रश्नावली किसे कहते हैं?

किसी निश्चित विषय से संबंधित प्रश्नों की सूची को प्रश्नावली कहते हैं यह किसी भी जाति, क्षेत्र, धर्म, समाज आदि का अध्ययन करने में हमारी मदद करता है।

प्रश्नावली मुख्य दोष क्या है?

प्रश्नावली का मुख्य दोष यह है कि यह केवल शिक्षित लोगों पर प्रभावी रूप से काम करता है।

प्रश्नावली का आधार क्या है?

प्रश्नावली का आधार है “शोध” इसमें किसी निश्चित विषय के ऊपर किसी निश्चित क्षेत्र की क्या राय है यह जानने की प्रक्रिया ही प्रश्नावली का एक आधार है।

प्रश्नावली और अनुसूची का मुख्य अंतर क्या है?

प्रश्नावली और अनुसूची का सबसे मुख्य अंतर यह है कि प्रश्नावली केवल शिक्षित लोगों पर कार्य करता है और अनुसूची शिक्षित एवं अशिक्षित दोनों लोगों पर प्रभावी रूप से काम करता है।

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निष्कर्ष : प्रश्नावली किसे कहते हैं

प्रश्नावली का उपयोग जब भी आप करते हैं तो हमेशा आपको अपने वैचारिक रूप से उसका उत्तर देना है क्योंकि प्रश्नावली के आधार पर देश का विकास संभव है।

आशा करता हूं आपको हमारी प्रश्नावली किसे कहते हैं (What is a Questionnaire in Hindi) और प्रश्नावली के दोष और प्रकार क्या है? साथ ही प्रश्नावली और अनुसूची के बीच का अंतर के ऊपर हमारी यह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी।

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प्रश्नावली से जुड़ी हुई कोई भी प्रश्न या सुझाव आपके मन में हो तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते हैं हम उस पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य देंगे।

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